सड़क के लिए आठवें चरण का नौवां दिन, फुलवाड़ी संघर्ष समिति ने आंदोलन तेज करने का ऐलान किया

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बागेश्वर: फुलवाड़ी, फुलाचौंरा, थलीधार और खाईंधार क्षेत्र को सड़क सुविधा से जोड़ने की मांग को लेकर सड़क संघर्ष समिति का आंदोलन लगातार जारी है। एक अदद सड़क की मांग को लेकर समिति ने संघर्ष के आठवें चरण के नौवें दिन भी धरना दिया। सोमवार को चीराबगड़ ग्राम पंचायत के उपप्रधान खुशाल सिंह दानू और मोहित सिंह धामी धरने पर बैठे। इस दौरान क्षेत्र के लोगों ने सड़क निर्माण की मांग को लेकर अपना आक्रोश जताया।

धरना स्थल पर वक्ताओं ने कहा कि फुलवाड़ी सड़क की फाइल वर्ष 2024 से नोडल स्तर पर लंबित है। उनका आरोप है कि कपकोट विधानसभा के विधायक सुरेश गढ़िया की ओर से सड़क के लिए अपेक्षित पैरवी नहीं की गई। समिति के सदस्यों का कहना है कि यदि समय रहते गंभीरता से प्रयास किए जाते तो अब तक सड़क का निर्माण धरातल पर शुरू हो चुका होता। इस स्थिति पर ग्रामीणों ने नाराजगी और दुख व्यक्त किया।

संघर्ष समिति ने बताया कि विधायक कपकोट की ओर से धरना समाप्त करने के लिए प्रस्ताव दिया गया था, जिसे समिति ने स्वीकार नहीं किया। समिति ने विधायक से सड़क की वर्तमान स्थिति, फाइल की प्रगति और निर्माण को लेकर हुई कार्रवाई की पूरी जानकारी धरना स्थल पर आकर जनता के सामने रखने की मांग की है। समिति ने स्पष्ट किया कि जब तक सड़क जमीन पर नहीं बनती, आंदोलन जारी रहेगा और आने वाले दिनों में इसे और तेज किया जाएगा।

पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण भी संघर्ष स्थल पर पहुंचे और समिति को अपना नैतिक समर्थन दिया। उन्होंने धरना स्थल से ही सड़क की फाइल की प्रगति के संबंध में शासन के अधिकारियों, नोडल अधिकारी, मुख्य अभियंता पीएमजीएसवाई, जिलाधिकारी और एसडीएम कपकोट से फोन पर बातचीत की। उन्होंने अधिकारियों से सड़क की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली और ग्रामीणों को भी वस्तुस्थिति से अवगत कराया।

धरना स्थल पर फुलवाड़ी, फुलाचौंरा, थलीधार, खाईंधार, सापुली, गुठण, कोटीधार, ठांगधार और गाड़ाखरक क्षेत्र के ग्रामीणों ने सड़क बनने तक आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया। ग्रामीणों ने कहा कि वे किसी भी दबाव में आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे और अंतिम सांस तक संघर्ष समिति का साथ देंगे। आंदोलन में महिलाओं की भी बड़ी भागीदारी रही।

समिति के अध्यक्ष पूर्व कैप्टन रतन सिंह दानू, सचिव करम सिंह दानू, संरक्षक चरण सिंह बघरी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष शेर सिंह दानू, उपाध्यक्ष गजेंद्र सिंह धामी, कोषाध्यक्ष मदन सिंह धामी सहित कई ग्रामीण धरने में मौजूद रहे।

ग्रामीणों के अनुसार करीब 22 किलोमीटर लंबी यह सड़क पिंडर घाटी और शंभू घाटी के क्षेत्रों को जोड़ने के साथ बोरबलड़ा और कालों ग्राम सभा के कई हिस्सों को भी सड़क सुविधा से जोड़ सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। उनका आरोप है कि जिला प्रशासन, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना विभाग और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि की ओर से ठोस पहल नहीं होने के कारण क्षेत्रवासियों को सड़क सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि सड़क के अभाव में क्षेत्र के लोगों को रोजमर्रा के कामों के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और आवागमन में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

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