उत्तराखण्ड संस्कृत संस्थानम्, हरिद्वार के तत्वावधान में विकासखण्ड स्तरीय संस्कृत छात्र प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। दो दिवसीय प्रतियोगिता के पहले दिन कनिष्ठ वर्ग के छात्र-छात्राओं ने संस्कृत श्लोक, निबंध, वाद-विवाद, आशुभाषण, समूहगान एवं संस्कृत नाटक सहित छह प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।
प्रतियोगिता का आयोजन मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय सभागार में हुआ। प्रतियोगिता में 250 से ज्यादा छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लेकर संस्कृत भाषा के प्रति अपनी रुचि और प्रतिभा का प्रदर्शन किया। दूसरे दिन वरिष्ठ वर्ग की छह प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।ब्लॉक संयोजक मोहन जोशी ने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों को संस्कृत भाषा के साथ जोड़ने और उनकी प्रतिभा को मंच प्रदान करने का बेहतर माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों में संस्कृत के प्रति रुचि बढ़ने के साथ ही उन्हें जनपद और राज्य स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर भी मिलता है।
संस्कृत शिक्षक गोपाल कृष्ण जोशी ने बताया कि उत्तराखण्ड संस्कृत संस्थानम् द्वारा संस्कृत के प्रचार-प्रसार एवं उन्नयन के उद्देश्य से प्रतिवर्ष इन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है। प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं के द्वारा काफी बेहतर मंचन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संस्कृत हमारी मूल भाषा है इसके प्रचार प्रसार के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है।
प्रतिभागी छात्रा दीक्षिता गढ़िया ने बताया कि संस्कृत प्रतियोगिता में प्रतिभाग कर हमें अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला। श्लोक, निबंध और अन्य प्रतियोगिताओं के माध्यम से संस्कृत को और बेहतर तरीके से सीखने की प्रेरणा मिलती है।
