बागेश्वर : रक्षाबंधन के पावन पर्व पर बागेश्वर जिले में बहनों का स्नेह देश की सीमाओं पर तैनात वीर जवानों तक पहुंचाने के लिए भारतीय रेडक्रॉस समिति द्वारा कई बर्षो से अनूठी पहल की जा रही है। इस बार भी भारतीय रेडक्रॉस समिति, बागेश्वर से जुडी बहनें अपने हाथों से विशेष राखियां तैयार कर रही हैं, जिन्हें देश की सीमाओं पर दिन-रात राष्ट्र की सुरक्षा में तैनात सैनिकों तक पहुंचाया जाएगा।
इन हस्तनिर्मित राखियों में केवल रंग-बिरंगे धागे ही नहीं, बल्कि देश के वीर जवानों के प्रति सम्मान, स्नेह और कृतज्ञता की भावना भी जुड़ी हुई है। रक्षाबंधन के अवसर पर जब अधिकांश बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं, वहीं रेडक्रॉस से जुड़ी बहनें देश की रक्षा में परिवार से दूर रहने वाले सैनिकों को अपना भाई मानकर उनके लिए राखियां तैयार कर रही हैं।
रेडक्रॉस समिति की यह पहल पिछले पांच वर्षों से लगातार जारी है। इस वर्ष भी बड़ी संख्या में राखियां तैयार की जा रही हैं। राखियों को आकर्षक और पारंपरिक स्वरूप देने के साथ-साथ इन्हें हाथों से तैयार किया जा रहा है, जिससे प्रत्येक राखी में अपनत्व और भावनाओं का स्पर्श बना रहे। रेडक्रॉस समिति के सचिव आलोक पांडे ने बताया कि जवानों के लिए तैयार की जा रही ये राखियां केवल रक्षा सूत्र नहीं, बल्कि देशप्रेम और सम्मान का प्रतीक हैं।
कहा कि, देश की सेवा में अपने घर-परिवार से दूर रहने वाले सैनिकों तक राखियां पहुंचाना उनके लिए गर्व और भावनात्मक जुड़ाव का विषय है। उन्होंने कहा कि इन राखियों के माध्यम से बहनें जवानों की कलाई पर केवल राखी नहीं, बल्कि अपना स्नेह और शुभकामनाएं भी भेजेंगी।
इस दौरान चेयरमैन इंद्र सिंह फर्स्वाण,वाइस चेयरमैन ललित मोहन जोशी,कोषाध्यक्ष जगदीश उपाध्याय, राजेश्वरी कार्की, हिमांशु चौबे, वेद प्रकाश पांडे,देवेंद्र कार्की, उत्कर्ष पांडे,बसंती दानू,ललिता पांडा, बिना दानू आदि मौजूद रहे।
