औषधियों की गुणवत्ता के साथ नहीं होगा कोई समझौता, रहेगी औषधि प्रशासन की कड़ी नजर

खबर शेयर करें -

माननीय मुख्यमंत्री उत्तराखंड सरकार श्री पुष्कर सिंह धामी जी से प्राप्त आदेशों के क्रम में एवं आयुक्त महोदय एवं अपर आयुक्त महोदय, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन से प्राप्त निर्देशों के अनुपालन में कफ सिरप प्रकरण की संवेदनशीलता को देखते हुई आज दिनांक 11/10/ 2025 को औषधि निरीक्षक बागेश्वर पूजा रानी द्वारा गरुड़ क्षेत्रांतर्गत स्थित मेडिकल स्टोरों व थोक विक्रेता फ़र्मो का औचक निरीक्षण किया गया । निरीक्षण के दौरान 02 मेडिकल स्टोरों में अनियमितताएं पाए जाने एवं साथ ही फर्म द्वारा लाइसेंस की शर्तों का अनुपालन ना करने पर 07 दिन के भीतर अनियमितताओं से संबंधित स्पष्टीकरण मांगा गया । साथ ही अनियमितताओं का अनुपालन संतोषजनक न होने की स्थिति में औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम 1940 के तहत फर्म के लाइसेंस को निलंबित करने की संस्तुति की गयी है ।कार्यवाही के दौरान संदेह के आधार पर बच्चों के 02 कफ सिरप के नमूने गुणवत्ता जांच हेतु लिए गए । निरीक्षण के दौरान उक्त मेडिकल स्टोरों में प्रश्नगत औषधियां जैसे की
01-SYP. COLDRIF.
02- SYP. RESPIFRESH -TR .
03- SYP. RELIFE का स्टॉक कहीं भी उपलब्ध नहीं पाया गया ।इसी क्रम में जनपद बागेश्वर औषधि निरीक्षक, पूजा रानी ने मेडिकल स्टोर स्वामियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि पाँच वर्ष से कम आयु के बच्चों को बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी प्रकार की खांसी या जुकाम की दवा नहीं दी जानी चाहिए। साथ ही पांच वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों में भी इन दवाओं का उपयोग केवल चिकित्सक की जांच, उचित खुराक, न्यूनतम अवधि तक उपयोग एवं सुरक्षित दवा संयोजन का पालन करते हुए कीया जाना चाहिए। औषधी निरीक्षक पूजा रानी ने बताया की लैब से रिपोर्ट आने के पश्चात् यदि औषधिया मानकों अनुरूप नहीं पाई जाती है तो ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट 1940 के नियमानुसार कार्रवाही अमल में लायी जाएगी । इसके अतिरिक्त मेडिकल स्टोर को निर्देश दिए गए कि लाइसेंस की शर्तों का अनुपालन करे एवं योग्य चिकित्सक के पर्चे पर ही बच्चों की औषधिया वितरण करे। उक्त कार्यवाही जनपद में आगे भी जारी रहेगी।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad
Breaking News