बागेश्वर। ग्राम पंचायतों में ऑनलाइन व्यवस्थाओं के चलते आ रही दिक्कतों को लेकर जिला प्रधान संगठन ने पंचायती राज मंत्री मदन कौशिक को ज्ञापन भेजा है। संगठन ने पर्वतीय क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियों और लगातार बनी रहने वाली नेटवर्क समस्या को देखते हुए ऑनलाइन जियो टैगिंग और ऑनलाइन हाजिरी की बाध्यता में राहत देने की मांग की है। साथ ही प्रदेश प्रधान संगठन की 10 सूत्रीय मांगों का जल्द समाधान करने की मांग उठाई गई है।
जिला प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष दीपक सिंह खेतवाल की ओर से भेजे गए ज्ञापन में कहा गया है कि पहाड़ी क्षेत्रों के कई गांवों में मोबाइल नेटवर्क की सुविधा ठीक नहीं है। ऐसे में ऑनलाइन हाजिरी, निर्माण कार्यों की जियो टैगिंग और लोकेशन अटैच करने में ग्राम प्रधानों और पंचायत कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
श्रमिकों का मानदेय 500 रुपये करने की मांग
प्रधान संगठन ने जी-राम-जी के तहत ऑनलाइन हाजिरी की बाध्यता खत्म कर पूरी तरह ऑफलाइन हाजिरी की व्यवस्था लागू करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि जब तक पर्वतीय क्षेत्रों में नेटवर्क सुविधा बेहतर नहीं होती, तब तक ऑफलाइन व्यवस्था जारी रखी जानी चाहिए।
ज्ञापन में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना की सूची से हटाए गए पात्र लोगों के नाम दोबारा शामिल करने की मांग भी की गई है। इसके अलावा जी-राम-जी के तहत कार्य करने वाले श्रमिकों का मानदेय बढ़ाकर 500 रुपये प्रतिदिन करने की मांग उठाई गई।
संगठन ने कहा कि पहाड़ और मैदान की भौगोलिक परिस्थितियां अलग हैं। इसलिए पंचायतों से जुड़े नियम स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखकर बनाए जाने चाहिए। प्रधानों ने नेटवर्क सुविधा मजबूत करने, ऑनलाइन व्यवस्थाओं में राहत देने और प्रदेश संगठन की 10 सूत्रीय मांगों का शीघ्र निस्तारण करने की मांग की है। ज्ञापन पर विभिन्न ग्राम पंचायतों के प्रधानों ने भी सहमति जताते हुए हस्ताक्षर किए हैं।
