बागेश्वर में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। लगातार बारिश के कारण सरयू और गोमती नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। सरयू नदी का पानी सरयू घाट तक पहुंचने से नदी किनारे रहने वाले लोगों और कारोबारियों में भी चिंता बढ़ गई है। हालांकि दोपहर तक जलस्तर में कुछ कमी आने से लोगों ने राहत की सांस ली है।
भारी बारिश के चलते जिलेभर में पहाड़ी दरकने और मलबा-बोल्डर आने से 14 सड़कें बंद हो गई हैं। सड़कों के बाधित होने से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित हुआ है। कई इलाकों में लोगों को आवाजाही के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं बारिश के कारण सात मकानों को आंशिक क्षति पहुंचने की सूचना है। जिले के दोनों राष्ट्रीय राजमार्गों पर भी कई स्थानों पर मलबा आने से यातायात बाधित हुआ है। हालांकि संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंचकर सड़कों से मलबा हटाने और यातायात बहाल करने में जुटी हुई हैं। प्रशासन ने आपदा प्रबंधन से जुड़ी टीमों को अलर्ट मोड पर रखा है, ताकि बारिश के दौरान किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
ऊपरी क्षेत्रों में हो रही अतिवृष्टि का असर नदियों के जलस्तर पर साफ दिखाई दे रहा है। व्यापार मंडल के पूर्व अध्यक्ष हरीश सोनी ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के साथ सुमगढ़ क्षेत्र में हुई अतिवृष्टि के कारण सरयू नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया। उन्होंने बताया कि सुबह के समय सरयू घाट पूरी तरह जलमग्न हो गया था। हालांकि बाद में जलस्तर में कुछ कमी आई है। नदी का पानी घाट तक पहुंचने के बाद प्रशासन और पुलिस ने भी सतर्कता बढ़ा दी है। पुलिस टीम लगातार नदी किनारे जाने वाले लोगों को सावधानी बरतने और नदियों से दूर रहने की अपील कर रही है।
आपदा विभाग ने लोगों से मौसम को देखते हुए सतर्क रहने और जरूरी होने पर ही यात्रा करने की अपील की है। खासकर नदी, गधेरे और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
