आपदा से निपटने की तैयारियों की मंत्री मदन कौशिक ने की समीक्षा

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बागेश्वर में आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने जिला कार्यालय में आपदा की स्थिति और जिले में चल रही तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने आपदा के दौरान कम से कम नुकसान हो, इसके लिए विभागों को लगातार प्रशिक्षण, मॉकड्रिल और राहत-बचाव की तैयारियां मजबूत रखने के निर्देश दिए।

समीक्षा बैठक में जिले में संभावित आपदा स्थलों, उपलब्ध संसाधनों और विभिन्न विभागों की भूमिका की जानकारी ली गई। अपर जिलाधिकारी एनएस नबियाल ने जिले की आपदा तैयारियों का प्रस्तुतीकरण करते हुए बताया कि बारिश के दौरान भूस्खलन से जिले के मोटर मार्ग प्रभावित होते हैं।

ऐसे स्थानों पर यातायात बहाल करने के लिए जेसीबी मशीनों की तैनाती की गई है। जिले में कुल 235 मोटर मार्ग हैं, जबकि संवेदनशील स्थानों पर लगातार मशीनें उपलब्ध रखने की व्यवस्था की गई है। एडीएम ने बताया कि जिले में अब तक चार बार मॉकड्रिल आयोजित की जा चुकी हैं। आपदा की स्थिति में राहत और बचाव कार्यों को तेजी से शुरू करने के लिए संबंधित टीमों को तैयार रखा जा रहा है।

जिले में 464 आश्रय स्थल चिह्नित किए गए हैं, जिनका उपयोग बारिश और आपदा के दौरान प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान देने के लिए किया जा सकता है।
नदियों के किनारे रहने वाले लोगों को लगातार जागरूक कर नदी से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की जा रही है। वहीं, इस वर्ष आपदा से प्रभावित लोगों को अब तक 12 लाख 32 हजार 400 रुपये की राहत राशि वितरित की जा चुकी है।

कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि आपदा प्रबंधन केवल सरकारी विभागों की जिम्मेदारी नहीं है। इसमें जनप्रतिनिधियों और आम लोगों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि नियमित प्रशिक्षण और मॉकड्रिल के माध्यम से आपदा से निपटने की तैयारियों को लगातार परखा जाना चाहिए, ताकि जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्य बिना देरी के शुरू किए जा सकें।

उन्होंने विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। आपदा से क्षतिग्रस्त सड़कों और अन्य प्रभावित क्षेत्रों के लिए जल्द एस्टिमेट तैयार कर भेजने को कहा गया। मंत्री ने स्पष्ट किया कि आपदा राहत से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।

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