बागेश्वर में आम लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से औषधि निरीक्षक पूजा रानी ने बुधवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय स्थित केंद्रीय औषधि भंडार, बिलौना का औचक निरीक्षण किया। यह कार्रवाई खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के अपर आयुक्त तथा जिलाधिकारी के निर्देश पर की गई।
निरीक्षण के दौरान दवाओं के भंडारण की पूरी व्यवस्था का बारीकी से निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने देखा कि दवाओं को सही तापमान और नमी में रखा जा रहा है या नहीं। कोल्ड-चेन वाली दवाओं के रखरखाव, स्टॉक रजिस्टर, दवा वितरण रिकॉर्ड, बैच नंबर, एक्सपायरी तिथि, रैक व्यवस्था और साफ-सफाई की भी जांच की गई। साथ ही यह भी देखा गया कि दवाओं का उपयोग फर्स्ट एक्सपायरी फर्स्ट आउट (FEFO) नियम के अनुसार किया जा रहा है या नहीं।
निरीक्षण के दौरान विभिन्न श्रेणियों की 10 दवाओं के वैधानिक नमूने गुणवत्ता जांच के लिए लिए गए। इन नमूनों को परीक्षण के लिए राजकीय औषधि परीक्षण प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
औषधि निरीक्षक पूजा रानी ने केंद्रीय औषधि भंडार के प्रभारी को निर्देश दिए कि नारकोटिक एवं मनःप्रभावी दवाओं को सुरक्षा मानकों के अनुसार तालाबंद अलमारी में रखा जाए। वहीं, एक्सपायरी हो चुकी दवाओं को उपयोग योग्य दवाओं से अलग कर सुरक्षित और बंद बॉक्स में रखा जाए, ताकि उनका गलती से उपयोग न हो सके।
इसके अलावा दवा भंडार में साफ-सफाई बनाए रखने, सभी दवाओं को व्यवस्थित रैक में रखने और भंडारण क्षेत्र का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए गए।
पूजा रानी ने कहा कि लोगों तक सुरक्षित, प्रभावी और मानक गुणवत्ता की दवाएं पहुंचाना विभाग की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से जिले के सभी सरकारी और निजी औषधि भंडारों तथा मेडिकल स्टोरों का नियमित निरीक्षण और दवाओं की गुणवत्ता जांच आगे भी लगातार जारी रहेगी।
